About the Author

श्री प्रेमकुमार शर्मा जी

साहित्यकार पत्रकार अध्यात्म-शोधक उपन्यासकार

श्री प्रेमकुमार शर्मा जी का जन्म सन् 1956 में बिहार के दरभंगा जिले के कमतौल गाँव में हुआ था। इनके पिता श्री राम निरंजन शर्मा 'अलख' अपने समय के प्रसिद्ध साहित्यकार, नाटककार और स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारी थे।

हिन्दी साहित्य और दर्शनशास्त्र के प्रति उनकी विशेष रुचि पिता से विरासत में मिली थी। अपने गहन शोध के आधार पर उन्होंने 100 से अधिक पुस्तकों की रचना की।

श्री प्रेमकुमार शर्मा जी
श्री प्रेमकुमार शर्मा जी कमतौल, दरभंगा · 1956 – 2021
1956
कमतौल, दरभंगा
बिहार में जन्म
Birth Year
100+
प्रकाशित पुस्तकें
अध्यात्म और साहित्य
Published Books
2021
सागर, मध्य प्रदेश
में स्वर्गवास
Passed Away
Life Journey

जीवन की यात्रा

बचपन एवं शिक्षा · 1956 – 1975

शिक्षा और शुरुआती लेखन

बचपन अपने पिता के साथ कलकत्ता में बीता। इसके पश्चात स्कूली शिक्षा पैतृक गाँव कमतौल से पूरी की। मैट्रिक उत्तीर्ण करने के बाद ही दो उपन्यास लिखे, जिनका प्रकाशन बनारस के 'चिंगारी प्रकाशन' द्वारा किया गया।

इसके बाद दरभंगा के मारवाड़ी कॉलेज से स्नातक और स्नातकोत्तर (M.A.) की शिक्षा प्राप्त की।

साहित्यिक कर्म · 1978 – 1995

साहित्यिक एवं आध्यात्मिक यात्रा

सन् 1978 से 1995 तक अनेक पत्र-पत्रिकाओं का संपादन किया। विभिन्न समाचार पत्रों के लिए लेख एवं कहानियाँ लिखते रहे। धीरे-धीरे उनका रुझान अध्यात्म की ओर बढ़ने लगा।

उन्होंने भारतीय अध्यात्म में छिपे हुए विज्ञान को लोगों के सामने लाने का सराहनीय प्रयास किया और 100 से अधिक पुस्तकों की रचना की।

अंतिम समय · 2021

विरासत और स्मृति

उनका अंतिम समय मध्य प्रदेश के सागर शहर में बीता। सन् 2021 में उनका स्वर्गवास हो गया। उनकी अमूल्य रचनाएँ आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमर धरोहर हैं।

उनकी पाँच महत्त्वपूर्ण पुस्तकें जो Amazon और Flipkart पर उपलब्ध हैं।

मृत्यु के बाद
मृत्यु के बाद
Prachin Samudrik Shastra
Prachin Samudrik Shastra
Tantratmak Ravan Samhita
Tantratmak Ravan Samhita
Bhrigu Samhita Falit Prakash
Bhrigu Samhita (Falit Prakash)
आधुनिक भारतीय फलित ज्योतिष
आधुनिक भारतीय फलित ज्योतिष
रचनाएँ पढ़ें → सम्पर्क करें →
"न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते।"

— श्रीमद्भगवद्गीता ४.३८  ·  इस संसार में ज्ञान के समान पवित्र कुछ नहीं