सम्पर्क जानकारी

धर्मालय एक स्वतन्त्र, गैर-लाभकारी डिजिटल पुस्तकालय है। यदि आप किसी विषय पर चर्चा करना चाहते हैं, लेख प्रस्तुत करना चाहते हैं, या अनुवाद में सहायता करना चाहते हैं — कृपया सम्पर्क करें।

✉️
ईमेल
🏛️
संस्था
Prem Kumar Sharma Social Initiative
📍
स्थान
सागर, मध्य प्रदेश, भारत
🕐
उत्तर समय
सामान्यतः २–३ कार्य दिवस
सामाजिक माध्यम
𝕏

सन्देश भेजें

Frequently Asked

प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्न

धर्मालय क्या है?

धर्मालय एक डिजिटल ज्ञान-संग्रह है जो भारतीय दर्शन, अध्यात्म, ज्योतिष और जीवन-विज्ञान को सरल हिन्दी में प्रस्तुत करता है। यह मंच श्री प्रेमकुमार शर्मा जी की विचारधारा और लेखन से प्रेरित है, जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन वैदिक सत्य की खोज में समर्पित किया। धर्मालय का उद्देश्य उनके ज्ञान को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखना और अधिक से अधिक पाठकों तक पहुँचाना है।

धर्मालय के संस्थापक कौन थे?

धर्मालय की प्रेरणा श्री प्रेमकुमार शर्मा जी (१९५६–२०२१) हैं, जो सागर, मध्य प्रदेश के एक गहन अध्येता, लेखक और आध्यात्मिक विचारक थे। उन्होंने गीता, ज्योतिष, मृत्यु-विज्ञान और ब्रह्माण्ड के रहस्यों पर १०० से अधिक पुस्तकें लिखीं। उनके निधन के पश्चात् Prem Kumar Sharma Social Initiative द्वारा यह डिजिटल मंच उनकी स्मृति और विरासत को समर्पित किया गया है।

हमसे कैसे सम्पर्क कर सकते हैं?

आप ऊपर दिए गए सन्देश फ़ॉर्म के माध्यम से या सीधे ईमेल info@dharmalay.in पर लिखकर हमसे सम्पर्क कर सकते हैं। हम सामान्यतः २–३ कार्य दिवसों में उत्तर देते हैं। प्रश्न, सुझाव, लेख-योगदान या किसी भी विषय पर चर्चा के लिए सम्पर्क करने में संकोच न करें।

ज्ञान का प्रकाश

"तमसो मा ज्योतिर्गमय" — अन्धकार से प्रकाश की ओर ले चलो।

लेख पढ़ना आरम्भ करें